कानपुर: मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन के कसे पेच

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कानपुर, 07 मई। बीते दिनों मौसम में आये बदलाव के चलते कानपुर में भीषण आंधी तूफान आया था। इसके साथ ही कई जगहों पर बिजली भी गिरी थी। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। जिसको लेकर प्रमुख सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी को सख्त निर्देश दिये कि आपदा प्रभावित लोगों को हर संभव मदद की जाये और जरूरत पड़े तो शासन को पत्र लिखें। कहा कि किसी भी सूरत में आपदा प्रभावित लोगों को यह नहीं महसूस होना चाहिये कि शासन ध्यान नहीं दे रहा है।

शासन की मंशा के अनुरूप कराये जा रहे विकास कार्यों को समीक्षा को लेकर प्रमुख सचिव आवास व जिले के प्रभारी अधिकारी मुकुल सिंघल ने सोमवार को विकास भवन सभागार में बैठक की। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले आपदा प्रभावित लोगों की सूची तलब की। जिसमें प्रमुख सचिव के अनुरूप सूची तैयार नहीं पायी गई। जिसको लेकर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि आपदा प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाई जाये।
उन्होंने जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह से दो टूक कहा कि जल्द ही आपदा प्रभावित लोगों की सूची तैयार करें और खुद मौके पर जाकर देखें। अगर सूची बनाने वाले जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों ने लापरवाही बरती हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाये। बताते चलें कि बीते दिनों जनपद में आई आपदा के चलते काफी नुकसान हुआ था इसके साथ ही चार लोगों की मौत हो गई थी। जिसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चार मई को कानपुर आकर अधिकारियों को निर्देशित किया था कि राहत में किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाये। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार को प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन के पेच कसे। उन्होंने साफ कहा कि जिला प्रशासन आपदा प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करे और शासन को पत्र लिखे।

जिससे जल्द से जल्द पीड़ित लोगों को शासन की मंशा के अनुरूप राहत मिल सके। कहा कि शासन आपदा प्रभावित लोगों के राहत के लिए बेहद गंभीर है। इसको देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इसके बाद प्रमुख सचिव ने सड़क निर्माण व चिकित्सा व्यवस्था, राशन कार्ड व राशन वितरण समेत तमाम बिन्दुओं पर अधिकारियों से जानकारी जुटाई और खामियां पाये जाने पर फटकार भी लगाई।
दवाओं की नहीं मिलनी चाहिये शिकायत


उन्होंने जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह से दो टूक कहा कि जल्द ही आपदा प्रभावित लोगों की सूची तैयार करें और खुद मौके पर जाकर देखें। अगर सूची बनाने वाले जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों ने लापरवाही बरती हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाये। बताते चलें कि बीते दिनों जनपद में आई आपदा के चलते काफी नुकसान हुआ था इसके साथ ही चार लोगों की मौत हो गई थी। जिसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चार मई को कानपुर आकर अधिकारियों को निर्देशित किया था कि राहत में किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाये। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार को प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन के पेच कसे। उन्होंने साफ कहा कि जिला प्रशासन आपदा प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करे और शासन को पत्र लिखे।

जिससे जल्द से जल्द पीड़ित लोगों को शासन की मंशा के अनुरूप राहत मिल सके। कहा कि शासन आपदा प्रभावित लोगों के राहत के लिए बेहद गंभीर है। इसको देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इसके बाद प्रमुख सचिव ने सड़क निर्माण व चिकित्सा व्यवस्था, राशन कार्ड व राशन वितरण समेत तमाम बिन्दुओं पर अधिकारियों से जानकारी जुटाई और खामियां पाये जाने पर फटकार भी लगाई।
दवाओं की नहीं मिलनी चाहिये शिकायत

प्रमुख सचिव आवास व कानपुर नगर के प्रभारी मुकुल सिंघल ने आज शहर दौरे के दौरान विकास भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने ई राशन कार्ड बनाने के साथ राशन वितरण पर आ रही समस्याओं चिकित्सा व्यवस्था बेहतर किये जाने और दवाओं की कमी समेत सडकों की गुणवत्ता और अन्य विभागों के अधिकारियों से ब्यौरा लिया। राशन वितरण पर हो रही शिकायतों पर उन्होंने राशनिंग अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राशनिंग व्यवस्था को दुरूस्त किया जाये।

इसके साथ ही केस्को द्वारा एक सड़क खोदे जाने के बाद गुणवत्ता परक न बनने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की बात कही। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी पर व रेबीज इंजेक्शन न मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक कुमार शुक्ल को निर्देश दिया कि दवाओं की कमी की शिकायतें मरीजों व तीमारदारों द्वारा नहीं मिलनी चाहिये। उन्होंने सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के भी आदेश दिए। इस दौरान बैठक में जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनंद, सीएमओ डा. अशोक कुमार शुक्ल समेत कानपुर विकास प्राधिकरण व अन्य सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।

इसके साथ ही केस्को द्वारा एक सड़क खोदे जाने के बाद गुणवत्ता परक न बनने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की बात कही। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी पर व रेबीज इंजेक्शन न मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक कुमार शुक्ल को निर्देश दिया कि दवाओं की कमी की शिकायतें मरीजों व तीमारदारों द्वारा नहीं मिलनी चाहिये। उन्होंने सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के भी आदेश दिए। इस दौरान बैठक में जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनंद, सीएमओ डा. अशोक कुमार शुक्ल समेत कानपुर विकास प्राधिकरण व अन्य सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।

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