डॉक्टर के समर्थन में उतरे लोग …पीएमओ कार्यालय पहुंचा मामला

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कानपुर l जहां क्रोना वायरस से शहर शहर बेहाल है वही इससे लड़ने वाले धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा मुकदमा करने पर डॉक्टरों के साथ साथ आम जनमानस में भी आक्रोश पनप रहा है l मामला पीएमओ ऑफिस तक पहुंच गया है लोगों ने पीएमओ कार्यालय एवं सीएम ऑफिस के अधिकारीक ट्विटर हैंडल पर डॉक्टर के समर्थन में ट्वीट कर न्याय दिलाने की मांग की l  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) के निर्धारित लक्ष्य को पूरा न करने पर आरआरटी प्रभारी को जिलाधिकारी के स्कॉर्ट ने सोमवार की देर रात समीक्षा बैठक के बाद सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर हिरासत में ले लिया।

चिकित्सा अधिकारी व कर्मियों ने जिला प्रशासन पर अपनी नाकामी छुपाने के लिए दुर्व्यवहार पूर्ण कारवाई किए जाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी की कारवाई अगर वापस न ली गई तो मंगलवार से स्वास्थ सेवा में लगे कर्मचारी काम ठप कर हड़ताल पर चले जाएंगे। जिला प्रशासन और स्वास्थ विभाग की इस अहम की तकरार में कोरोना महामारी के बीच मरीजों को मिलने वाला इलाज सहित चिकित्सा सेवाओं व कोविड सैम्पलिंग के साथ जांच किए जाने की व्यवस्था चरमराने की आशंका बढ़ गई है।

दरअसल, 23 अप्रैल को पतारा सीएचसी अधीक्षक डॉ. नीरज सचान को जिले में रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का अतिरिक्त प्रभार आईसीसीसी के अधिकारी डॉ. आर. एन. सिंह ने सौंपा था। इसके अंतर्गत जिले में 40 टीमें घर-घर जाकर कोविड जांच के लिए सैम्पलिंग करते हैं। सोमवार की रात जिला प्रशासन द्वारा जनपद में कोविड महामारी को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता द्वारा आरआरटी की जांच में लापरवाही बरतने व लक्ष्य से कम सैम्पल लिए जाने पर कार्यवाही की संस्तुति करने की रिपोर्ट जिलाधिकारी आलोक तिवारी को सौंप दी। इस रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने बैठक के बाद डॉ. नीरज सचान को अपने स्कॉर्ट से हिरासत में लेकर स्वरूप नगर थाने भेजते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश दे दिए।इस मामले की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल मिश्रा के साथ दर्जनों चिकित्सा अधिकारी व कर्मी देर रात थाने पहुच गए l

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