राजस्थान में आंधी से 29 लोगों की मौत, सौ से अधिक घायल

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जयपुर, 03 मई । राजस्थान में बुधवार देर शाम चली आंधी ने कहर बरपाया है। इस दौरान 29 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब सौ लोग घायल हैं। आंधी का सबसे ज्यादा असर भरतपुर, धौलपुर, अलवर व झुंझुनू में देखा गया। 120 किमी/घंटा की रफ्तार से आए इस तूफान ने सैंकड़ों पेड़ों व बिजली के खंभों को जमींदोज कर दिया।

सरकार ने मृतकों को चार-चार लाख रुपये, साठ फीसदी से अधिक घायलों को दो लाख और चालीस से पचास फीसदी तक घायलों को साठ-साठ हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गुरुवार सुबह तूफान ग्रस्त इलाकों का दौरा करने के लिए जयपुर से रवाना हुए। वे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेंगे।

आपदा एवं राहत प्रबंधन सचिव हेमंत गेरा ने 27 मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि तूफान प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। मृतकों में सर्वाधिक 12 मौतें भरतपुर में, 10 धौलपुर में, 5 मौतें अलवर और झुंझुनू और बीकानेर में एक-एक मौत हुई है। सौ से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।


आंधी के दौरान विजिबिलिटी 500 मीटर से भी कम हो गई थी। ये तूफान अपने साथ तबाही का मंजर लेकर आया था। जब थमा तो सड़कों पर पेड़ टूटे हुए थे। बिजली के तार टूट कर गिरने से बिजली अभी तक सुचारू रूप से नहीं आ पाई है। प्रदेश में कई जगह स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। तूफान के बंवडर के बाद यातायात पूरी तरह से प्रभावित रहा। सड़कों पर लोग फंस गए। पेड़ और तार टूटने की वजह से यातायात घंटों तक बाधित रहा। जो लोग सड़कों पर फंसे हुए थे वो इस तूफान के थमने और खुद को सुरक्षित घर पहुंचने के लिए दुआ कर रहे थे।


मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को अंधड़-बारिश प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं तुरंत सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि जिन लोगों के जान-माल का नुकसान हुआ है उन्हें तत्काल राहत पहुंचाई जाए।
अंधड़ और तूफान में मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने जन्मदिन पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। उन्होंने कहा कि अत्यंत दुखद समय में हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रदेशभर में पूर्व निर्धारित रक्तदान शिविर एवं अस्पतालों, कुष्ठाश्रम तथा वृद्धाश्रम आदि में फल एवम खाद्य सामग्री वितरण सहित अन्य जनहित कार्यक्रम यथावत रखे जा सकते हैं।

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